Can A Slipped Disc Heal On Its Own ? क्या स्लिप डिस्क खुद को हील करती है ? - Slip Disc Treatment at Home
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Saturday, August 25, 2018

Can A Slipped Disc Heal On Its Own ? क्या स्लिप डिस्क खुद को हील करती है ?

क्या स्लिप डिस्क खुद को हील करती है ? हाँ  करती है।  बल्ज डिस्क या हर्निएटेड डिस्क प्राकृतिक रूप से स्वंय को हील करती है लेकिन हीलिंग प्रोसेस में लगने वाला समय व्यक्ति की उम्र, डिस्क की खराब अवस्था और रोग प्रतिरोधक क्षमता पर निर्भर करता है। इसका मतलब यह कतई नहीं है की बल्ज या हर्निएटेड डिस्क में चिकित्सकीय हस्तक्षेप की आवश्यकता ही नहीं है। आप जो भी ट्रीटमेंट ले रहें हो यथा एलोपैथी या फिर आयुर्वेदिक वो लेते रहें लेकिन उसके साथ साथ उन सावधानियों के बारे में भी जाने जिससे हीलिंग प्रोसेस में सहायता मिलती है। हमारा शरीर हर्निएटेड डिस्क को निम्न प्रकार से हील करता है -
  • कई परिस्थितियों में बल्जिंग या हर्निएटेड डिस्क को हमारा शरीर बाहरी मटेरियल समझ कर उसे हटाने में जुट जाता है जिसके कारन क्षतिग्रस्त डिस्क के आकार में गिरावट आती है और जलन भी कम हो जाती है। इसमें प्राकृतिक तौर पर समय लगता है। 
  • डिस्क में जो पानी होता है उसे शरीर अवशोषित कर लेता है जिसके कारन उसके आकार में भी कमी आती है। 
  • कई स्थितियों में व्यायाम से भी इसमें फायदा मिलता है जिससे डिस्क अपने मूल स्वरुप में लौटने में मदद मिलती है जिसके कारण नसों पर दबाव घट जाता है और जलन और झनझनाहट में सुधार आता है। 
आज की पोस्ट में में हम जानने की कोशिश करेंगे की किस प्रकार से हम स्वंय हीलिंग प्रोसेस में योगदान कर सकते हैं। प्रश्न अब ये हैं की हम क्या कर सकते हैं जिससे हीलिंग प्रोसेस जो गति मिले या कम से कम उसमें हमारे कारन कोई बाधा ना हो। 

  • सबसे महत्वपूर्ण है खुद को एक्टिव रहें। लम्बे समय तक बेड पर रहने के कारन माँसपेशियाँ कमजोर हो जाती हैं। चिकित्सक की सलाह के अनुसार वाल्किंग शुरू करें। याद रखें चलना सबसे अच्छा व्यायाम है। रोजमर्रा के छोटे मोटे काम करते रहें। स्वंय को बीजी रखें। 
  • कमर के नियमित व्यायाम करें। इससे शरीर लचीला बनता है और मांसपेशियों पर दबाव घटता है। 
  • कमर के गर्म सेक करें जिससे सूजन कम होती है। 
  • नियमित रूप से फिजिओथेरेपी लें। 
  • कटी वस्ति घर पर रोजाना करें। 

क्या डिस्क सबंधी दर्द दूर हो जाने पर भविष्य में भी दोबारा हो सकता है ?
बिल्कुल हो सकता है। भविष्य में स्लिप डिस्क ना हो तो निम्न बिंदुओं का ध्यान रखें -
  • उठने बैठने के तरीके में सुधार लाएं। ज्यादा मुलायम गद्दे पर नहीं सोएं। 
  • नियमित रूप से व्यायाम करें। 
  • सुबह शाम वाकिंग को आदत में शामिल करें। एक्टीव रहें। 
  • आगे की तरफ झुक कर कोई भी सामान ना उठायें भले ही वो हल्का हो या फिर भारी। 
  • अपने वजन पर नियंत्रण रखें। ज्यादा वजन मतलब डिस्क पर ज्यादा दबाव। 
  • धूम्रपान पूर्णतया छोड़ दें। रिसर्च से साबित हो चुका है की धूम्रपान से डिस्क में विकार आते हैं। निकोटिन डिस्क के पोषण में रुकावट पैदा करता है। 
  • अल्कोहोल को पूर्णतयाः बंद कर दें। अलकोहाल से मासपेशियां शिथिल पड़ जाती हैं और डिस्क पर सारा दबाव आ जाता है। 
हिम्मत कभी ना हारें, कोशिश करते रहें। आशा है, बताए गए तरीके आपके लिए फायदेमंद होंगे।

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